Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Saturday, 7 November, 2026 • 05:13 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » क्या आपके फोन में है कोई जासूसी सॉफ्टवेयर? ऐसे पता करें
Headlines

क्या आपके फोन में है कोई जासूसी सॉफ्टवेयर? ऐसे पता करें

August 6, 2021No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto
IPRD_ERO_000293/26-27

auto

नई दिल्ली। पेगासस स्पाईवेयर को लेकर काफी बात चल रही है. इसे इजरायली कंपनी NSO Group ने तैयार किया है. इस स्पाईवेयर का यूज करके टारगेट के फोन को हैक कर लिया जाता है और जासूसी की जाती है. इससे iPhones भी नहीं बच पाया. अब एक सॉफ्टवेयर में ऐसा फीचर आया है जो ये पता लगा सकता है कि आपका iPhone स्पाईवेयर का शिकार हुआ है या नहीं.

इस ऐप को iMazing नाम दिया गया है. ये ऐप macOS और Windows दोनों से काम करता है. इसका यूज करके पता लगाया जा सकता है कि कनेक्टेड iPhone स्पाईवेयर से प्रभावित हुआ है या नहीं.

iMazing ऐप में इस फीचर को एक अपडेट के बाद लाया गया है. स्पाईवेयर डिटेक्शन फीचर iPhones पर iMazing  के macOS और Windows वर्जन 2.14 में देखा जा सकता है.

इस को टेस्ट करने के लिए यूजर को iPhone को macOS या Windows के साथ कनेक्ट करना है. कनेक्ट हो जाने के बाद iMazing को रन करें. इसके बाद Detect Spyware ऑप्शन को सेलेक्ट करके आप देख सकते हैं कि आपका iPhone हैक हुआ था या नहीं. कंपनी ने कहा है इस के लिए कोई सेटअप या बैकअप की जरूरत नहीं है.

आपको बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब किसी स्पाईवेयर को डिटेक्ट करने के लिए सॉफ्टवेयर बनाया गया है. इससे पहले ह्यूमन राइट्स ग्रुप ने भी पेगासस अटैक से इन्फैक्ट हुए डिवाइस का पता लगाने के लिए एक टूल जारी किया था.

इस टूल को मोबाइल वेरिफिकेशन टूलकिट नाम दिया गया था. हालांकि इसको चलाने के लिए कोडिंग की जरूरत पड़ती थी लेकिन iMazing से सिर्फ ऑप्शन पर क्लिक करके इसके बारे में पता लगाया जा सकता है. इसके बाद बाकी काम सॉफ्टवेयर कर देगा. इस फीचर को iMazing में फ्री में दिया जा रहा है.

 

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleएकदम धांसू है इंडिया की पहली Electric Supercar, 2 सेकेंड में पकड़ती है 100 की रफ्तार!
Next Article Paytm से LPG सिलिंडर बुक करने पर मिल रहा 2,700 रुपये तक का कैशबैक, जानें कैसे लें ऑफर का फायदा

Related Posts

Headlines

पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में लाएं तेजी, ठेकेदारों की तय हो जवाबदेही : सीएम सम्राट

November 6, 2026
Headlines

बॉर्डर से लेकर पंचायत तक महातैयारी, छठ पर घर लौटने वालों का कुछ ऐसे स्वागत करेगा बिहार

November 6, 2026
Headlines

परदेस से लौटने वालों को मिले सुरक्षित और स्वच्छ बिहार, त्योहारों में कोताही नहीं : सीएम

November 6, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

राशिफल @ 07 नवंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

November 7, 2026

बिहार में जमीन के भीतर पानी ‘इंजेक्ट’ करने की तैयारी, दो जिलों में बनेगा पाताल का ‘वाटर बैंक’

November 6, 2026

हवा में झूलते शीशे पर अब चलेंगे नन्हे कदम, राजगीर ग्लास ब्रिज पर लगी रोक हटी

November 6, 2026

सीएम सम्राट ने मंत्री कुमार शैलेंद्र के पिता को दी श्रद्धांजलि, परिजनों का बंधाया ढांढस

November 6, 2026

पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में लाएं तेजी, ठेकेदारों की तय हो जवाबदेही : सीएम सम्राट

November 6, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.