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Ranchi : राजधानी रांची की पुलिस ने एक बार फिर नशे के सौदागरों को तीखी चोट दी है। इस बार नशे का गंदा धंदा करने वाले दो पेडलरों को हिंदपीढ़ी इलाके से दबोचा गया है। गिरफ्तार लोगों के नाम अरमान हुसैन उर्फ प्रिंस और सकील उर्फ कारू बताये गये। इन लोगों के पास से करीब 7.80 ग्राम ब्राउन शुगर और 22280 रुपये कैश जब्त किया गया है। इस बाता का खुलासा आज रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने किया है।
मिले एक क्लू पर पहले धराया प्रिंस
सिटी एसपी पारस राणा ने मीडिया को बताया कि नशे के सौदागरों के जानी दुश्मन माने जाने वाले पुलिस अधिकारी कोतवाली DSP प्रकाश सोय को इंफॉर्मेशन मिली कि हिंदपीढ़ी के सोमाबाड़ी मैदान में नशे का सौदा चल रहा है। रात ढलते ही कोतवाली DSP प्रकाश सोय की देखरेख में टीम मौके पर पहुंची। भीड़-भाड़ के बीच पुलिस की नजर एक युवक पर टिक गई। नाम था… अरमान हुसैन उर्फ प्रिंस, उम्र करीब 25 साल। तलाशी ली गई तो उसके पास से 5.10 ग्राम ब्राउन शुगर और बिक्री से कमाए 22280 रुपये कैश बरामद हुए।अरमान का इतिहास खुद उसके अपराध की गवाही देता है… डकैती, दंगा, अवैध हथियार और हत्या की कोशिश जैसे संगीन मामलों में पहले से आरोपी। पुलिस के रिकॉर्ड में उसका नाम नया नहीं था।
निशानदेही पर पकड़ा गया माल सप्लायर ‘कारू’
पूछताछ में अरमान उर्फ प्रिंस ने अपने ‘माल सप्लायर’ का नाम बताया… सकील उर्फ कारू, उम्र करीब 40 साल। इसके बाद पुलिस ने हिन्दपिढ़ी के खेत मुहल्ला में रेड मारी और कारू को दबोच लिया। उसके पास से भी 2.70 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया गया। सकील भी अपराध की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा है। उस पर हत्या, दंगा, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। 2018 से लेकर 2023 तक कई बार जेल जा चुका है।
फरार हैं गिरोह के और चेहरे
इस गिरोह में सिर्फ अरमान और कारू ही नहीं, बल्कि और भी चेहरे शामिल हैं। SP पारस राणा ने बताया कि बाबर उर्फ गुगुन उर्फ इमरान और मो. अनु उर्फ सेराज भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। दोनों अभी फरार हैं। इनके छिपने की जगहों पर लगातार छापामारी की जा रही है।
सराहनीय रही इनकी भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन की कमान कोतवाली DSP प्रकाश सोय ने संभाली। वहीं, उनकी देखरेख में ड्रग्स सप्लायरों को दबोचने में कोतवाली थानेदार आदिकान्त महतो, हिंदपीढ़ी थानेदार सुनिल कुशवाहा, अहातु थानेदार मनोज सोरेन, एसआई प्रदीप कुमार राय, मिनकेतन कुमार और चन्दन कुमार वर्मा की भूमिका सराहनीय रही।
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