अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का प्रोसेस जितना आसान, सीधा और पारदर्शी होगा, आम नागरिकों को उसका असली फायदा भी उतना ही ज्यादा मिलेगा। आज हमारे राज्य में लाखों लोग रोजी-रोटी के लिए परिवहन क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। ऐसे में सड़क पर चलने वाले हर चालक के पास एक वैध और मान्यता प्राप्त ड्राइविंग लाइसेंस होना बेहद जरूरी है। लेकिन यह बदलाव तभी संभव है जब सरकारी कागजी कार्रवाई बेहद सरल हो और लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के बेवजह चक्कर न काटने पड़े। सीएम हेमंत सोरेन यह बातें झारखंड सरकार के परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच जमशेदपुर में ‘इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग, ट्रेनिंग एंड रिसर्च’ (IDTR) खोलने के लिए हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के दौरान कह रहे थे।
पेंडिंग आवेदन तुरंत निपटाने और प्रक्रिया सरल करने के सख्त निर्देश
कार्यक्रम के दौरान सीएम हेमंत सोरेन का पूरा जोर अफसरों की कार्यशैली में सुधार लाने और जनता को राहत देने पर रहा। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लाइसेंस बनाने की पूरी प्रणाली को इतना पारदर्शी बनाया जाए ताकि किसी भी आम नागरिक को बेवजह परेशानी या झंझट का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के सभी जिलों के डीसी को ताकीद की कि वे अपने-अपने जिलों में लटके पड़े ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस के आवेदनों की खुद समीक्षा करें और एक तय समय सीमा के भीतर उनका निपटारा सुनिश्चित करें। सीएम ने कमर्शियल चालकों की चिंता करते हुए यह भी कहा कि जिस तरह आम गाड़ियाँ चलाने वालों के लिए नियम आसान बनाए जा रहे हैं, ठीक उसी तर्ज पर हेवी व्हीकल (भारी वाहन) ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को भी तुरंत सुलभ बनाया जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आसानी से रोजगार मिल सके।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जोड़ने की पहल
सीएम हेमंत सोरेन ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें हर क्षेत्र में बराबरी का दर्जा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और पुरुषों दोनों को समान अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है। अब ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए खास कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए महिलाओं के ड्राइविंग सीखने, उनके लर्निंग लाइसेंस और पक्के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियमों को खास तौर पर बेहद आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा। सीएम का मानना है कि जब प्रक्रिया सरल होगी, तो ज्यादा से ज्यादा महिलाएँ ड्राइविंग सीखकर आगे आएँगी। इससे वे न केवल खुद की गाड़ी चलाकर स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी, बल्कि परिवहन क्षेत्र में नौकरी पाकर आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकेंगी।
जमशेदपुर में खुलेगा हाई-टेक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर
जमशेदपुर में टाटा मोटर्स के सहयोग से बनने वाले ‘इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग, ट्रेनिंग एंड रिसर्च’ (IDTR) को सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य के परिवहन क्षेत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने विस्तार से समझाते हुए कहा कि इस सेंटर के खुलने से राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक तकनीक वाली गाड़ियों पर ड्राइविंग सीखने का मौका मिलेगा। यहाँ से मिलने वाली हाई-टेक ट्रेनिंग युवाओं के कौशल (स्किल) को निखारेगी, जिससे उन्हें न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी नौकरी के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, जब अच्छी ट्रेनिंग पाए हुए कुशल ड्राइवर सड़कों पर गाड़ियाँ चलाएँगे, तो इससे राज्य में सड़क हादसों और दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आएगी। सीएम ने भावुक होते हुए यह भी बताया कि वे खुद पिछले कई सालों से इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रहे थे, जो आज आखिरकार साकार हो रहा है।
एक ही दिन में 10 हजार से ज्यादा लोगों को मिले लाइसेंस
अपनी बातों को जमीनी हकीकत से जोड़ते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कार्यक्रम के दौरान ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पलामू, सरायकेला-खरसावां और धनबाद जैसे विभिन्न जिलों के आम लोगों (लाभार्थियों) से सीधी बातचीत की। उन्होंने खुद लोगों से पूछा कि लाइसेंस बनवाने के दौरान उन्हें दफ्तरों में किस तरह की व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है और अधिकारियों को तुरंत उन कमियों को दूर करने के आदेश दिए। इसी दौरान सीएम ने बेहद खुशी जताते हुए बताया कि आज एक ही दिन में पूरे राज्य के 10 हजार से भी अधिक नागरिकों को ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ लाइसेंस जारी होना यह साबित करता है कि सरकार परिवहन सेवाओं को आम जनता के लिए सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

इस खास अवसर पर राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, सचिव राजीव रंजन, परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा के साथ-साथ टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया और जनरल मैनेजर गोलम मंडल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसे भी पढ़ें : कारगिल के शूरवीरों को सीएम हेमंत ने किया नमन, क्या पोस्ट कर गये… जानें

