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Ranchi : झारखंड में JPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद ने अब सियासी रंग पकड़ लिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के पिछले साढ़े छह वर्षों में हुई लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा संदेह के घेरे में है। उनका कहना था कि अगर युवाओं का भरोसा वापस लाना है तो सरकार को सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की सीबीआई जांच करानी होगी।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जिस सरकार ने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, उसी सरकार के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाएं विवाद, धांधली और अनियमितताओं का दूसरा नाम बन गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों अभ्यर्थियों ने दिन-रात मेहनत कर परीक्षाएं दीं, लेकिन उन्हें पारदर्शी व्यवस्था नहीं मिल सकी।
मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग, पीटी परीक्षा रद्द करने की उठाई आवाज
भाजपा नेता ने कहा कि हाल में हुई पीटी परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पूरे मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी है, इसलिए नैतिक आधार पर उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। अगर आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो पूरे सिस्टम की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
JPSC के सभी सदस्यों को हटाकर नई नियुक्तियों की मांग
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि आयोग पर जब गंभीर आरोप लग चुके हैं तो केवल कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई करके सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने मांग की कि जेपीएससी के सभी सदस्यों को तत्काल बर्खास्त किया जाए और पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नए सदस्यों की नियुक्ति की जाए, ताकि आयोग की विश्वसनीयता फिर से बहाल हो सके। उन्होंने कहा कि युवाओं का भरोसा तभी लौटेगा, जब भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी दिखाई देगी।
पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी नहीं होने पर उठाए सवाल
भाजपा ने जांच एजेंसी सीआईडी की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते के खिलाफ गंभीर तथ्य सामने आने के बावजूद अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सीआईडी केवल छोटे कर्मचारियों तक कार्रवाई सीमित रख रही है, जबकि फैसले लेने वाले शीर्ष अधिकारियों तक जांच नहीं पहुंच रही। उन्होंने कहा कि जब तक आयोग के शीर्ष पदों पर रहे लोगों से रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं होगी, तब तक पूरे मामले का सच सामने नहीं आएगा।
भर्ती प्रक्रिया में निजी एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सहायक परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के स्थानांतरण के बाद भी उन्हें विधिवत कार्यमुक्त नहीं किया गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा परिणाम पर अकेले हस्ताक्षर किए गए और ब्लैकलिस्टेड एजेंसी का चयन किया गया।
उन्होंने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (प्रक्रिया) नियमावली, 2002 और संविधान के अनुच्छेद 315, 316 तथा 320 के अनुसार निजी एजेंसियों की भूमिका केवल तकनीकी और सहायक कार्यों तक सीमित हो सकती है। परीक्षा कराना, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखना, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, मेरिट सूची तैयार करना और अंतिम चयन करना आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यदि इन मूल अधिकारों में किसी निजी एजेंसी को दखल दिया गया है तो यह केवल प्रक्रिया की गलती नहीं, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ है। ऐसे मामले में केवल कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा।
कांग्रेस की चुप्पी पर भी भाजपा का हमला
भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि दिल्ली में युवाओं के मुद्दे पर आवाज उठाने वाली कांग्रेस झारखंड में जेपीएससी विवाद पर पूरी तरह चुप है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कांग्रेस इस कथित घोटाले पर अपनी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक पूर्व प्रवक्ता भी जेपीएससी के सदस्य रहे हैं और उन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। ऐसे में कांग्रेस को बताना चाहिए कि वह इस मामले में चुप क्यों है। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का नाम लेते हुए कहा कि जो नेता दूसरे राज्यों में युवाओं के मुद्दे पर आंदोलन करते हैं, वे झारखंड के युवाओं के भविष्य पर क्यों नहीं बोल रहे हैं।
भाजपा ने कहा- युवाओं के साथ न्याय जरूरी
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह केवल एक भर्ती परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है। भाजपा का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक युवाओं का भरोसा बहाल नहीं हो पाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अजय राय भी मौजूद रहे। भाजपा ने साफ किया कि वह इस मुद्दे को आगे भी मजबूती से उठाती रहेगी और युवाओं के हितों से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना होगा।
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