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Mirzapur (UP) : मीर्जापुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने सिंचाई विभाग के एक अवर अभियंता को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई छोटा सखौरा स्थित बाणसागर कॉलोनी में की गई। जैसे ही टीम ने आरोपी को पकड़ा, विभाग में हड़कंप मच गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुसाफिर सिंह यादव के रूप में हुई है। वह चंदौली जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र के नई बाजार का रहने वाला है और बाणसागर परियोजना खंड-पांच में तैनात था।
70 लाख का बिल पास कराने के बदले मांगी थी रिश्वत
जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज के मेजा निवासी ठेकेदार दीपक कुमार का करीब 70 लाख रुपये का बिल विभाग में लंबित था। इस बिल को पास कराने के बदले जेई ने एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने पहले तो मामला समझने की कोशिश की, लेकिन जब रिश्वत की मांग पर दबाव बढ़ा तो उसने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
ठेकेदार ने 23 मार्च को एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद टीम ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया। तय रणनीति के तहत ठेकेदार को केमिकल लगे नोट दिए गए। बुधवार दोपहर करीब एक बजे जैसे ही ठेकेदार जेई के आवास पर पहुंचा और उसने पैसे दिए, टीम पहले से ही आसपास मौजूद थी।
रंगे हाथ दबोचा गया आरोपी
जैसे ही जेई ने पैसे लिए, टीम ने तुरंत छापा मारकर उसे मौके पर ही पकड़ लिया। जांच में नोटों पर लगे केमिकल की पुष्टि भी हुई, जिससे रिश्वत लेने की बात साफ हो गई। इस कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों में चर्चा का माहौल बन गया।
मुकदमा दर्ज, जांच जारी
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी अनिल कुमार चौरसिया ने गुरुवार को बताया कि आरोपी के खिलाफ देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामला बड़े भुगतान के बदले रिश्वत मांगने से जुड़ा है और इसकी जांच आगे भी जारी रहेगी। टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कोई शामिल तो नहीं है।
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