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Jamshedpur : झारखंड में एक ओर जहां नवरात्र की धूम है, चारों ओर चहल-पहल और रोशनी से जगमगाते पंडाल हैं, वहीं जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र के गाढ़ाबासा की गलियां आज खामोश हैं। हर कोई उस घर की ओर देखता है, जहां से कभी अजय बासा की हंसी गूंजती थी। 22 साल का यह जवान लड़का हमेशा दोस्तों के बीच घिरा रहता था। मोहल्ले के बच्चे उसे “झंटू भैया” कहकर पुकारते थे। लेकिन आज वही झंटू सिर्फ यादों में रह गया है। हंसमुख, मिलनसार और सपनों से भरा यह नौजवान अचानक तंत्र-मंत्र की बलि चढ़ा दिया गया। और वह भी किसी अजनबी के हाथों नहीं, बल्कि अपने ही सबसे करीबी दोस्त संदीप प्रसाद के हाथों। इल्जाम है के सबसे करीबी दोस्त संदीप प्रसाद ने झंटू की बलि चढ़ा दी। इस हत्याकांड में पुलिस ने वारदात में शामिल अजय के पड़ोसी और दोस्त संदीप प्रसाद, उसके भाई, मां, जीजा और केवलटाउन का रहने वाला दोस्त भारत को गिरफ्तार किया है।
भरोसे का खून
संदीप प्रसाद अजय बासा उर्फ झंटू का पड़ोसी और दोस्त था। वह लंबे समय से तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़ चुका था। सिद्धि पाने की चाह ने उसे इंसान से दरिंदा बना दिया। उसने तीन साल से अपने ही दोस्त की बलि देने की साजिश रची। इस बात की पूरी जानकारी भारत को भी थी। गिरफ्तार आरोपी भारत ने पुलिस को बताया कि उसे पहले से पता था कि संदीप अजय की बलि चढ़ाने वाला है, लेकिन डर के कारण वह कुछ नहीं बोल सका। सोचिए, उस वक्त अजय को जरा भी अंदाजा नहीं होगा कि उसके सबसे करीबी दोस्त के दिल में उसके लिए खंजर छिपा है।
आखिरी रात की पार्टी
सोमवार की रात अजय के लिए ‘पार्टी’ का न्योता मौत का जाल साबित हुआ। हंसी-ठिठोली के बीच जब शराब का नशा चढ़ा, तो वह बेहोश हो गया। उसी वक्त उसके हाथ-पांव बांध दिए गए। अजय का भरोसा, उसकी दोस्ती, सब एक बक्से में कैद कर दिए गए। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि सोमवार को संदीप और भारत ने बाजार से एक बड़ा लोहे का बक्सा खरीदा और केवलटाउन स्थित किराए के कमरे में रखा। बाद में संदीप ने अजय को “पार्टी” देने के बहाने वहां बुलाया। पार्टी के दौरान शराब पिलाकर जब अजय बेहोश हो गया, तो उसके हाथ-पैर बांध दिए गए और बक्से में बंद कर दिया गया।
दोस्त के खून से की पूजा, तड़पते अजय को गली में फेंक दिया
रात में संदीप ने बक्से में बंद अजय को अपने घर लाया और तंत्र-मंत्र की साधना शुरू की। आधी रात के करीब उसने धारदार हथियार से अजय का गला रेतकर उसकी बलि दे दी। जब धारदार हथियार से उसका गला रेता गया, तो अजय की चीखें दीवारों से टकराकर रह गईं। खून बहा, और उसे पूजा में चढ़ाया गया। जब अजय तड़पने लगा, तो उसे घर के बगल की गली में फेंक दिया गया। यह दृश्य इतना भयावह था कि जिसने भी सुना, रोंगटे खड़े हो गए। अजय के लिए यह सिर्फ मौत नहीं थी… यह उसके भरोसे का कत्ल था।
मां की आंखों का लाल, अब सिर्फ तस्वीर में
अजय की मां अब अपने बेटे की तस्वीर को ही सीने से लगाकर बैठी रहती हैं। आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। वह बार-बार कहती हैं… “जिसे मेरा बेटा अपना सबसे अच्छा दोस्त मानता था, उसी ने मेरी गोद उजाड़ दी।”
अजय के पिता को भी तंत्र-मंत्र के जरिये मरवाया
सिर्फ बेटे को खोने का दर्द ही नहीं, बल्कि संदीप के उस बयान ने घाव और गहरा कर दिया कि उसने पहले ही अजय के पिता की मौत भी तंत्र-मंत्र से करवाई थी। उसके बाद उसने उनका होटल खरीद लिया। संदीप ने दावा किया कि तंत्र-मंत्र की शक्ति से उसने अजय को अपने वश में कर लिया था और लंबे समय से उसकी बलि की तैयारी कर रहा था। एक पिता पहले ही चला गया था, अब बेटा भी चला गया। मां और बहन की दुनिया अचानक वीरान हो गई।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों के पिता और बहन की भी रहस्यमयी मौत हो चुकी है। पिता ने पांच साल पहले फांसी लगाई थी, जबकि बहन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से बक्सा, चाकू और पूजा सामग्री जब्त कर ली है।
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