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Garhwa (Nityanand Dubey) : पेट्रोल-डीजल की अफवाहों और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। शनिवार को सदर एसडीएम संजय कुमार ने गढ़वा और मेराल के पेट्रोल पंपों का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कई पंपों पर अनियमितताएं मिलीं और कुछ संचालकों को कड़ी फटकार भी लगी।
लगमा पंप में बड़ी गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान लगमा स्थित भव्या फ्यूल सेंटर में स्टॉक रजिस्टर के बड़े गड़बड़ी सामने आई। पंप का रजिस्टर पिछले तीन दिन से अपडेट नहीं था और आखिरी एंट्री 4 मार्च की दिखी। एक टैंकर में पंप से तेल वापस भरा जा रहा था, जिससे शक बढ़ गया। एसडीएम ने मौके पर अंचलाधिकारी और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को बुलाकर जांच शुरू कर दी।
मेराल फ्लाईओवर पंप पर लंबी कतार, तकनीकी खराबी का बहाना
मेराल फ्लाईओवर के नीचे एक पंप पर ग्राहकों की लंबी लाइन लगी थी, लेकिन संचालक ने ‘तकनीकी खराबी’ का बहाना बनाकर तेल की बिक्री रोक दी थी। एसडीएम संजय कुमार ने तुरंत हस्तक्षेप किया और आपूर्ति शुरू करवाई। संचालक से स्पष्टीकरण भी मांगा गया।
गोंदा और लातदाग पंप बिना सूचना बंद
जांच के दौरान गोंदा और लातदाग के पंप भी बंद मिले। न तो कोई सूचना थी और न ही कारण बताया गया। एसडीएम ने मेराल सीओ और आपूर्ति पदाधिकारी को इन पंपों की पूरी जांच का जिम्मा सौंपा।
गैलन में पेट्रोल ले जाने पर रोक
निरीक्षण के दौरान देखा गया कि कई लोग 4-5 गैलन पेट्रोल लेकर अपनी मोटरसाइकिल पर लटकाकर आए थे। एसडीएम ने फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसा करने से बाजार में कृत्रिम संकट बनता है। सभी पंप संचालकों को निर्देश दिया गया कि केवल वाहनों में ही ईंधन दिया जाए।
प्रशासन की चेतावनी : लाइसेंस तक हो सकता है रद्द
एसडीएम संजय कुमार ने साफ कहा “पेट्रोल-डीजल जैसी आवश्यक वस्तुएं अगर कोई जमाखोरी या कृत्रिम संकट पैदा करता है, तो प्राथमिकी दर्ज होगी और लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा भी की जाएगी।”
अफवाहों पर न दें ध्यान
एसडीएम ने जनता से अपील की कि वैश्विक तनाव की अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति है। लोग घबराकर अनावश्यक भंडारण न करें और जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल-डीजल खरीदें।
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