अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ramgarh : रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड का हेसापोड़ा गांव गुरुवार सुबह अचानक हड़कंप में बदल गया। गांववालों ने जंगल की ओर हाथियों की चिंघाड़ की आवाज सुनी। कुछ देर में पता चला कि हाथियों का झुंड बिछड़ गया और मां हाथी और उसका बच्चा 25 फीट गहरे कुएं में फंस गए हैं। गांव के लोग जैसे ही मौके पर पहुंचे, उन्होंने देखा कि कुएं के भीतर पानी की सतह कम होने के कारण हाथियों की स्थिति नाजुक थी। तुरंत ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचना दी।

42 हाथियों के झुंड से बिछड़ गये थे हाथी
डीएफओ नीतीश कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। जंगल की कठिन परिस्थितियों और गहरे कुएं को देखते हुए टीम ने जेसीबी मशीन और रैंप बनाने की योजना बनाई। ग्रामीणों का सहयोग इस समय बेहद अहम साबित हुआ। वन अधिकारियों ने बताया कि हेसापोड़ा के जंगल में पिछले सप्ताह से 42 हाथियों का झुंड घूमा करता था। दो दिन पहले यह झुंड बोकारो जिले के जंगल में चला गया था, इसलिए उन्हें लगा कि अब क्षेत्र खाली है। लेकिन गुरुवार सुबह फिर से झुंड के कुछ सदस्य इलाके में लौट आए और दुर्भाग्यवश हादसा हुआ।

मां और बच्चा सुरक्षित
छह घंटे की कड़ी मशक्कत और तकनीकी मदद से मां और उसका बच्चा सुरक्षित बाहर निकाले गए। जंगल और इंसानों के बीच इस सहयोग ने न केवल जान बचाई, बल्कि मानवीय संवेदना की मिसाल भी पेश की। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रात के समय हाथियों को कुएं का अंदाजा नहीं था।

इसे भी पढ़ें : जंगल से लौटते कदम… DGP के सामने 4 महिला सहित 10 नक्सलियों का सरेंडर

