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Khagaria : खगड़िया जिले में सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। डीआरडीए परिसर स्थित स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्यालय के प्रमंडलीय लेखा अधिकारी (Divisional Accounts Officer) शिशिर कुमार राम को निगरानी विभाग ने 18 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
संवेदक का बकाया भुगतान रोकने का आरोप
आरोप है कि लेखा अधिकारी शिशिर कुमार राम ने एक संवेदक का बकाया भुगतान करने के बदले रिश्वत की मांग की। संवेदक संजय कुशवाहा ने बताया कि उसने बालू आपूर्ति का कार्य किया था और उसका 10 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान लंबित था। मूल बिल खो जाने के कारण उसने बिल की फोटोकॉपी जमा की थी। इसे जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर ने पास कर दिया था, लेकिन लेखा अधिकारी ने जानबूझकर फाइल रोक रखी।
रिश्वत की मांग और लंबा समय तक परेशान किया
संवेदक के अनुसार, पहले 20 हजार रुपये की मांग की गई थी, बाद में सौदा 18 हजार रुपये में तय हुआ। पिछले दो महीनों से अधिकारी उसे लगातार दौड़ा रहा था। पहले फंड नहीं आने का बहाना बनाया गया और बाद में सीधे तौर पर पैसे की मांग की जाने लगी। संजय ने बताया कि विभाग में कई अन्य ठेकेदार भी इसी तरह परेशान किए जा रहे हैं।
निगरानी विभाग की जांच और जाल बिछाना
संवेदक की शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच की और आरोप सही पाए गए। इसके बाद शुक्रवार को जाल बिछाया गया। निगरानी विभाग की नौ सदस्यीय टीम खगड़िया पहुंची और गुप्त रूप से कार्यालय के आसपास तैनात हो गई।
रंगे हाथों गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
जैसे ही संवेदक संजय कुशवाहा ने तयशुदा राशि 18 हजार रुपये लेखा अधिकारी को दी, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर पटना ले जाया गया। डीएसपी श्याम बाबू ने बताया कि शिकायत पूरी तरह सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।
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