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Ramgarh (Prince Verma) : कभी कुज्जू ओपी में आने वाले लोगों को खड़े होकर अपनी बात कहनी पड़ती थी। बरसात हो या तेज धूप, न बैठने की जगह थी, न पानी की सुविधा। मालखाना के वाहन और सामान इतनी जगह घेर लेते थे कि ओपी परिसर हमेशा भरा और अव्यवस्थित नजर आता था। ऐसे माहौल में न आम लोगों को सुकून मिलता था और न ही पुलिस कर्मियों को। आज वही कुज्जू ओपी धीरे-धीरे एक ऐसे स्थान में बदल रही है, जहां लोग डर नहीं, भरोसा लेकर आते हैं।
एक निरीक्षण और बदलने लगी तस्वीर
रामगढ़ के एसपी अजय कुमार जब कुज्जू ओपी के निरीक्षण पर पहुंचे, तो उन्होंने सिर्फ फाइलें नहीं देखीं। उन्होंने लोगों की परेशानी और पुलिस कर्मियों की मजबूरी को भी समझा। उन्होंने ओपी प्रभारी को साफ निर्देश दिए कि मालखाना के वाहनों को दूसरी सुरक्षित जगह पर रखा जाए और आम जनता के लिए बैठने, पानी और छांव की व्यवस्था की जाए। यही वह पल था, जहां से बदलाव की शुरुआत हुई।
ओपी प्रभारी का संकल्प और टीम की मेहनत
कुज्जू ओपी प्रभारी आसुतोष कुमार सिंह ने इसे महज आदेश नहीं माना, बल्कि जिम्मेदारी समझा। उन्होंने अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों और चौकीदारों के साथ मिलकर सबसे पहले ओपी परिसर खाली कराया। मालखाना के वाहनों को विधिवत दूसरे सुरक्षित स्थान पर भिजवाया गया। खाली हुई जगह में फिर ईंट, सीमेंट और रंगों के साथ एक नई सोच आकार लेने लगी।
अब शिकायत नहीं, सुविधा पहले
आज कुज्जू ओपी में आने वाले लोगों के लिए नया शेड है, जहां बैठने की व्यवस्था है। पंखा चलता है, बिजली है और जरूरत पड़ने पर चाय कॉफी भी मिल जाती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अब घंटों खड़े नहीं रहना पड़ता। ओपी परिसर में नया झंडोतोलन मंच बना है, आगे और पीछे मजबूत चाहरदीवारी खड़ी की गई है। पुलिस कर्मियों के रहने के लिए बैरक, अलग मालखाना रूम और नया रसोईघर भी तैयार किया गया है।
रामगढ़ के एसपी अजय कुमार की पहल से कुज्जू ओपी की तस्वीर बदली। सौंदर्यीकरण और नई सुविधाओं से अब ओपी जनता के लिए भरोसे और सुविधा का केंद्र बन रही है।#ramgarhpolice #jharkhandpolice #ramgarhnews #newssamvad pic.twitter.com/MQB5eTFpKu
— News Samvad (@newssamvaad) January 25, 2026
अब दीवारें भी देती हैं संदेश
कुज्जू ओपी की बाहरी दीवारें अब जागरूकता का माध्यम बन गई हैं। इन पर डायल 112, साइबर अपराध से बचाव, नशे से होने वाले नुकसान और सड़क सुरक्षा जैसे संदेश लिखे गए हैं। साथ ही पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और ओपी प्रभारी के मोबाइल नंबर भी अंकित हैं। यह दीवारें अब लोगों को बताती हैं कि पुलिस उनसे दूर नहीं, उनके साथ है।
तीन महीने की मेहनत, कई हाथों का साथ
करीब तीन महीने में यह पूरा बदलाव संभव हो पाया। इसमें सिर्फ पुलिस नहीं, बल्कि स्थानीय व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों और ग्रामीणों का भी सहयोग रहा। किसी ने सामग्री में मदद की, किसी ने श्रम दिया, तो किसी ने हौसला बढ़ाया।
जब पुलिस चौकी डर नहीं, भरोसे की जगह बने
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान एसपी अजय कुमार ने कहा कि इस तरह की पहल से पुलिस और आम जनता के बीच दूरी कम होती है। स्थानीय लोगों ने भी माना कि अब कुज्जू ओपी पहले से कहीं ज्यादा साफ, व्यवस्थित और अपनापन देने वाली जगह बन गई है।
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