अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
News Samvad : छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नक्सलियों से बातचीत की कोई संभावना नहीं है। सभी उग्रवादियों को हथियार डालने होंगे और सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीतियों को स्वीकार करना होगा। शाह ने 31 मार्च 2026 तक बस्तर को “लाल आतंक” से मुक्त करने की समय सीमा तय की।
युवाओं को हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने की अपील
अमित शाह ने आदिवासियों से अपने गांवों के युवाओं को हथियार छोड़ने और मुख्यधारा में आने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई उग्रवादी शांति भंग करता है, तो सुरक्षा बल कड़ा जवाब देंगे।
आत्मसमर्पण और विकास की योजनाएं
शाह ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने देश की सबसे प्रभावी आत्मसमर्पण नीति बनाई है। उन्होंने कहा कि इस महीने ही 500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। जो गांव नक्सल मुक्त होंगे, उन्हें विकास के लिए 1 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।
आदिवासी संस्कृति और मुरिया दरबार
गृह मंत्री ने 75 दिन चलने वाले बस्तर दशहरा उत्सव और मुरिया दरबार की सराहना की। उन्होंने इसे दुनिया के सबसे लंबे और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक बताया। उन्होंने आदिवासी नेताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
महिला लाभार्थियों और ग्रामीण बस सेवा योजना
इस अवसर पर अमित शाह ने महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त जारी की, जिसमें लगभग 65 लाख महिलाओं के बैंक खाते शामिल हैं। इसके अलावा, आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना का शुभारंभ भी किया गया।
इसे भी पढ़ें : राबड़ी आवास के बाहर कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा

