Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Monday, 21 September, 2026 • 12:29 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » सरायकेला विस : हैट्रिक लगा चुके चंपई सोरेन के लिए इस बार राह आसान नहीं
झारखंड

सरायकेला विस : हैट्रिक लगा चुके चंपई सोरेन के लिए इस बार राह आसान नहीं

December 6, 2019No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

रांची। सरायकेला विधानसभा क्षेत्र झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का गढ़ माना जाता है। इस सीट से झामुमो के दिग्गज नेता चंपई सोरेन तीन बार से लगातार विधानसभा चुनाव जीत रहे हैं। पिछले चुनाव में चंपई सोरेन ने भाजपा उम्मीदवार गणेश महाली को महज 1200 वोटों से हराया था। जानकार मान रहे हैं कि इसबार भी दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला जोरदार होगा।

सरायकेला राजा-रजवाड़ों का शहर रहा है। देववंश के लोगों ने इस स्थान को सजाने और निखारने में अपनी भूमिका अदा की थी लेकिन अब तो न राजा रहे और ना ही उनकी विरासत, बस खंडहरों में बचा गया है उनका वजूद। यह क्षेत्र झामुमो का गढ़ रहा है। झामुमो ने एकबार फिर चम्पाई सोरेन पर अपना दांव लगाया है। झामुमो उम्मीदवार चंपई सोरेन भाजपा सरकार द्वारा विपक्ष के विधायकों के काम में रोड़ा अटकाने को विकास में बाधक बता रहे हैं। वहीं, गणेश महाली वर्तमान विधायक के विकास को लेकर गंभीर नहीं होने की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि इतने दिनों तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद झामुमो विधायक ने सरायकेला के लिए कुछ नहीं किया। बात अगर जनता जनार्दन की करें तो उनका स्पष्ट मानना है कि नदी के किनारे बसे गांवों के समीप पुलिया का निर्माण किया जाना चाहिए जिससे ग्रामीणों को सहूलियत हो सके।

auto

पिछले पांच साल में भाजपा ने संगठन और बूथ स्तर पर विधानसभा क्षेत्र में लगातार कई कार्यक्रम चलाए हैं। इस कारण पार्टी अपने मजबूत संगठन और बूथ पर पकड़ के बल पर सरायकेला विधानसभा सीट को अपनी झोली में डालना चाहती है। वहीं, अपनी परंपरागत सीट को बचाने के लिए यहां झामुमो रणनीति बनाने में जुटी हैं।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleझारखंड विस : दूसरे चरण में भाजपा व झामुमो के सामने सीटिंग सीट बचाने की चुनौती
Next Article गंभीर संकट में भारतीय अर्थव्यवस्था : पी. चिदंबरम

Related Posts

Headlines

बैंकों में लगातार 5 दिन लटके रहेंगे ताले, जल्दी निपटा लें जरूरी काम

September 21, 2026
Headlines

राजधानी में क्राइम पर पुलिस का जबरदस्त स्ट्राइक… जानें

September 20, 2026
Headlines

झारखंड को बनाएंगे देश का आयुर्वेद हब, 900 करोड़ से जल्द खुलेगा मेडिकल कॉलेज : स्वास्थ्य मंत्री

September 20, 2026
Advertisement
auto
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

बैंकों में लगातार 5 दिन लटके रहेंगे ताले, जल्दी निपटा लें जरूरी काम

September 21, 2026

राशिफल @ 21 सितंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

September 21, 2026

राजधानी में क्राइम पर पुलिस का जबरदस्त स्ट्राइक… जानें

September 20, 2026

झारखंड को बनाएंगे देश का आयुर्वेद हब, 900 करोड़ से जल्द खुलेगा मेडिकल कॉलेज : स्वास्थ्य मंत्री

September 20, 2026

वित्तरहित शिक्षकों के लिए बनी कमेटी, सीएम सम्राट बोले- सम्मान से नहीं होगा समझौता

September 20, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.