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Ranchi : बाहर सावन की फुहारों का मौसम था और हटिया के होटल बिशु पैलेस के अंदर गीत, संगीत और हंसी-खुशी का माहौल। किसी के हाथ में मेहंदी की खूबसूरती थी तो कोई पारंपरिक परिधान में सजी नजर आ रही थी। मंच से सावन के गीतों की आवाज गूंज रही थी और सामने बैठी महिलाएं तालियों के साथ उसका आनंद ले रही थीं। मौका था अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन, रजि. झारखंड की ओर से आयोजित स्वर्णकार सावन महोत्सव-2026 का। झारखंड में पहली बार आयोजित इस समारोह में 300 से अधिक महिलाएं शामिल हुईं और देखते ही देखते पूरा माहौल सावन के रंग में रंग गया।
यह सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था। लंबे समय बाद समाज की इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं एक साथ जुटीं तो उनके बीच बातचीत, हंसी-मजाक और एक-दूसरे से मिलने का सिलसिला भी चलता रहा। मंच पर कार्यक्रम चल रहे थे और समारोह स्थल के दूसरे हिस्से में महिलाएं अपनी परिचितों और रिश्तेदारों से मिलकर हालचाल पूछती नजर आईं। यही इस आयोजन की सबसे खास बात रही कि सावन के बहाने परिवारों को एक साथ आने और कुछ घंटे खुलकर खुशी मनाने का मौका मिला।
दीप जला तो शुरू हुआ सावन का रंग
समारोह की शुरुआत स्वामी दिव्यानंद जी महाराज, प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद सोनी, धर्मेंद्र सोनी और संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। दीप प्रज्ज्वलन के बाद जैसे ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर शुरू हुआ, समारोह का माहौल बदल गया। पारंपरिक परिधान में पहुंची महिलाओं ने सावन गीतों पर नृत्य किया। इसके बाद लोकप्रिय गानों पर भी खूब थिरकने का मौका मिला।
कहीं तालियों की गूंज सुनाई दे रही थी तो कहीं महिलाएं अपनी पसंदीदा धुन पर कदम मिलाती नजर आईं। कार्यक्रम में रखे गए मनोरंजक खेलों ने भी खूब उत्साह बढ़ाया। महिलाओं ने खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया। उम्र की सीमा भी यहां नजर नहीं आई। हर उम्र की महिलाओं ने अपनी-अपनी तरह से समारोह का आनंद लिया।
आयोजकों का कहना था कि सावन का महीना वैसे भी मिलन और उमंग का महीना माना जाता है। ऐसे में इसी भावना को ध्यान में रखते हुए समाज की महिलाओं और परिवारों को एक जगह लाने की कोशिश की गई। आयोजन में महिलाओं की संख्या उम्मीद से ज्यादा रही और यही वजह रही कि कार्यक्रम देर तक उत्साह से भरा रहा।
मंच पर सम्मान मिला तो चेहरे पर दिखी खुशी
सावन महोत्सव में मनोरंजन के साथ सम्मान का सिलसिला भी चला। समाज और संगठन के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों और सदस्यों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। समारोह में शामिल महिलाओं को भी मेडल प्रदान किए गए। सम्मान पाने के बाद महिलाओं के चेहरे पर अलग ही खुशी नजर आई।
आयोजकों ने कहा कि समाज को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम है। परिवार को जोड़ने से लेकर सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी तक महिलाएं लगातार आगे रहती हैं। इसलिए इस आयोजन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और उन्हें सम्मान देना खास तौर पर रखा गया था।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद सोनी, रमेश बाली, मनोज सोनी, शंभू प्रसाद, रविन्द्र नाथ साहू, बद्री प्रसाद, भोला जी, शिव बालक, अजय प्रसाद पिंटू, त्रिभुवन प्रसाद, अरुण वर्मा, दिनेश प्रसाद, दिगम्बर प्रसाद, पंकज प्रसाद, डॉ. पंकज सोनी, गोपाल प्रसाद, राजेश सोनी, राजेश कुमार, पिया बर्मन, नम्रता सोनी, पारस सोनी, अरुण कुमार, उमेश प्रसाद, लक्ष्मी नारायण स्वर्णकार, सुरेश प्रसाद, पार्षद बबली सोनी और रमेश बर्मन सहित समाज के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
सावन के बहाने रिश्तों में भी आई नई गर्माहट
आयोजकों के मुताबिक, इस महोत्सव का मकसद सिर्फ गीत-संगीत और मनोरंजन तक सीमित नहीं था। कोशिश थी कि समाज के परिवार एक-दूसरे के करीब आएं और आपसी मेलजोल बढ़े। रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी में कई बार परिवार और समाज के लोगों से मिलने का समय नहीं मिल पाता। ऐसे आयोजनों के जरिए लोगों को साथ बैठने, बातचीत करने और अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है।
समारोह में मौजूद महिलाओं की बड़ी संख्या ने भी यही संदेश दिया। किसी के लिए यह दोस्तों और परिचितों से मिलने का मौका था, तो किसी के लिए मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का। कई महिलाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में हिस्सा लेकर यह भी बताया कि मौका मिले तो वे किसी से पीछे नहीं हैं।
संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी और झारखंड पत्रकार सुनील पोद्दार ने कहा कि स्वर्णकार सावन महोत्सव-2026 समाज के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल है। पहली बार झारखंड में आयोजित इस कार्यक्रम में 300 से अधिक महिलाओं की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और समाज के परिवारों के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रमों के जरिए समाज की प्रतिभाओं को मंच देने और सामाजिक, सांस्कृतिक व शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास जारी रहेगा। समारोह खत्म होने के बाद भी महिलाओं के बीच कार्यक्रम की चर्चा होती रही। किसी को सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पसंद आईं तो किसी को खेल और सम्मान का पल याद रहा। कुल मिलाकर सावन के बहाने स्वर्णकार समाज का यह मिलन समारोह लोगों को कुछ ऐसी यादें दे गया, जिन्हें वे लंबे समय तक याद रखेंगे।
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