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New Delhi : दिल्ली में गुरुवार, 1 अक्टूबर से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUC वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा। दिल्ली सरकार ने ‘नो PUC, नो फ्यूल’ व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की घोषणा की है। हालांकि, नियम लागू होने से एक दिन पहले बुधवार को राजधानी के कई पेट्रोल पंपों पर इसकी खास तैयारी नजर नहीं आई। कनॉट प्लेस, बाबा खड़क सिंह मार्ग, जनपथ, राजेंद्र प्लेस, आरके पुरम और मुनिरका जैसे इलाकों के पेट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की तरह ही वाहन ईंधन भरवाते नजर आए।
इन पेट्रोल पंपों पर बने PUC सेंटर भी ज्यादातर समय खाली दिखाई दिए। पेट्रोल पंपों पर पहुंचे कई वाहन चालकों को यह तो पता था कि गाड़ी का PUC प्रमाणपत्र होना जरूरी है, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि 1 अक्टूबर से वैध PUC नहीं होने पर पेट्रोल या डीजल भी नहीं मिलेगा। बातचीत में कई वाहन चालकों ने बताया कि उन्हें नए नियम के बारे में पहली बार पेट्रोल पंप पर ही पता चला।
PUC सेंटर पर कम पहुंचे वाहन, कर्मचारियों को भी पूरी जानकारी नहीं
पेट्रोल पंप संचालकों के मुताबिक बुधवार को PUC बनवाने के लिए अचानक बड़ी संख्या में लोग नहीं पहुंचे। एक पेट्रोल पंप संचालक ब्रिजेश ने बताया कि बुधवार को दिनभर में करीब 35 वाहन ही PUC बनवाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि अभी लोगों तक नए नियम की जानकारी पूरी तरह नहीं पहुंची है। उनका कहना था कि नियम लागू होने के बाद PUC सेंटरों पर अचानक भीड़ बढ़ सकती है।
ब्रिजेश ने बताया कि PUC बनवाने की प्रक्रिया में वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर OTP आता है। ऐसे में जिन वाहन मालिकों ने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया है या पुराना नंबर बंद हो चुका है, उन्हें PUC बनवाने में परेशानी आ सकती है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि वाहन मालिकों को समय रहते अपने दस्तावेज और मोबाइल नंबर की जानकारी भी जांच लेनी चाहिए।
बाबा खड़क सिंह मार्ग के पेट्रोल पंप संचालक जयंत ने बताया कि नियम लागू होने के बाद PUC केंद्रों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि कई वाहन चालक सुविधा के लिए पेट्रोल पंप पर ही PUC बनवाना पसंद करते हैं। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक प्रमाणपत्र नहीं बनवाया है, वे नियम लागू होने के बाद PUC सेंटरों का रुख कर सकते हैं।
नंबर प्लेट कैमरे से होगी जांच, बिना PUC के रुक सकता है ईंधन
नई व्यवस्था में पेट्रोल पंप में आने वाले वाहनों की नंबर प्लेट कैमरे से पढ़ी जाएगी। इसके बाद सिस्टम नंबर के आधार पर वाहन की जानकारी और PUC की स्थिति की जांच करेगा। अगर वाहन का PUC वैध पाया गया तो उसे सामान्य तरीके से पेट्रोल या डीजल दिया जाएगा। वहीं, PUC नहीं होने या उसकी वैधता खत्म होने पर वाहन को ईंधन देने से रोका जा सकता है।
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहन मालिकों के लिए सिर्फ PUC बनवाना ही जरूरी नहीं होगा, बल्कि उसकी वैधता की तारीख पर भी नजर रखनी होगी। प्रमाणपत्र की अवधि खत्म होने पर दोबारा PUC बनवाना पड़ेगा।
आरके पुरम में पेट्रोल पंप पर पहुंचे वाहन चालक रमन ने बताया कि उसे इस नियम की जानकारी पहली बार वहीं मिली। उसने कहा कि उसे पता था कि वाहन का PUC जरूरी है, लेकिन यह नहीं मालूम था कि PUC नहीं होने पर पेट्रोल या डीजल भी नहीं मिलेगा। एक अन्य वाहन चालक मनोज ने बताया कि वह हर महीने अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाता है, लेकिन उसे ऐसे नियम की जानकारी नहीं थी।
नए नियम के लागू होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल और डीजल लेने वाले वाहन चालकों को पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन का PUC प्रमाणपत्र वैध है। अगर प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त हो चुकी है तो ईंधन लेने से पहले नया PUC बनवाना जरूरी होगा। इससे दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।



