अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार की राजधानी पटना और धार्मिक नगरी गया जी अब देश भर में सफाई के रोल मॉडल बनेंगे। केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत शुरू हुए ‘प्रगति-50’ (PRAGATI-50) कार्यक्रम में बिहार के इन दोनों अहम शहरों को शामिल किया गया है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में इस योजना की शुरुआत हुई, जिसमें बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देश के 50 शहरों में पटना और गया जी का चुना जाना पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है।
कचरा और गंदे पानी के निपटारे पर रहेगा खास जोर
नीतीश मिश्रा ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के तहत 24 राज्यों के 50 शहरों की सूची तैयार की गई है। इस पूरी मुहिम का मकसद सिर्फ रोजाना की झाड़ू-सफाई तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि कचरा प्रबंधन और घरों से निकलने वाले गंदे पानी के शोधन के लिए आधुनिक तकनीक लागू करना है। इन दोनों शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए प्लांट, जल शोधन के आधुनिक तरीके और डोर-टू-डोर कचरा उठाव के सिस्टम को पूरी तरह हाईटेक बनाया जाएगा, ताकि शहर का कोना-कोना साफ नजर आए।

स्थानीय स्तर पर सुधरेगी व्यवस्था, नागरिकों की भी भागीदारी होगी
योजना के तहत पटना और गया जी की स्थानीय समस्याओं को देखते हुए जमीनी स्तर पर समाधान खोजे जाएंगे। मंत्री ने साफ किया कि गया जी एक बड़ा सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र है, जबकि पटना राज्य का प्रमुख आर्थिक केंद्र है। इसलिए इन दोनों जगहों पर आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए आम लोगों की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी। सरकार का पूरा फोकस इस बात पर रहेगा कि दोनों शहरों में बदलाव कागजों पर नहीं, बल्कि सड़कों और गलियों में साफ तौर पर दिखाई दे।
इसे भी पढ़ें : CM ने ‘आंगन का मिलन’ का किया आगाज, बोले- जच्चा-बच्चा की सेहत से समझौता नहीं



