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Patna : बिहार अब फिल्मों की शूटिंग का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर बनाई गई नई फिल्म नीति का असर दिखने लगा है। राज्य सरकार ने हाल ही में 25 फिल्मों की शूटिंग की अनुमति दी है। इससे न सिर्फ बिहार की पहचान फिल्मी नक्शे पर तेजी से बढ़ रही है, बल्कि यहां के कलाकारों और युवाओं को रोजगार के नए मौके भी मिल रहे हैं।
अनुमति मिली फिल्मों में संघतिया, बिहार का जलवा, सुहागिन के सेनूर, जिनगी बीतवनी तोहरे प्यार में, नारी, ओह माय डॉग, सुगनी, छठ, बेटी बनल विजेता, बिहारी भौजी, जय मइया शारदा भवानी जैसी भोजपुरी, हिंदी, मैथिली, मगही और अंग्रेजी फिल्में शामिल हैं।
नई फिल्म नीति से बड़ा फायदा
सरकार ने फिल्म निर्माताओं के लिए यह व्यवस्था की है कि अगर वे 75 फीसदी से ज्यादा शूटिंग बिहार में करेंगे, तो उन्हें 4 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। अगर स्थानीय कलाकारों को भी मौका दिया जाता है तो 50 लाख रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
फिल्म नीति से राज्य के होटल, ट्रांसपोर्ट और अन्य सेवाओं को भी फायदा मिल रहा है। युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।
पटना, गया, नालंदा, दरभंगा, जहानाबाद, वैशाली और वाल्मीकिनगर जैसे जिले अब शूटिंग के हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं। यहां फिल्म सेट और निजी स्टूडियो भी तैयार हो रहे हैं।
आसान अनुमति प्रक्रिया
कला, संस्कृति और युवा विभाग के उप निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि अब फिल्म शूटिंग के लिए अलग-अलग जगह से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। विभाग की सिंगल विंडो प्रणाली से सारी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
राज्य सरकार जल्द ही डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल भी आयोजित करेगी, जिससे बिहार का फिल्मी सफर और तेज हो जाएगा।
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