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Patna : बिहार में प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति को देखते हुए सीएम सम्राट चौधरी खुद मैदान में उतर गए हैं। उन्होंने जेपी गंगा पथ पहुंचकर गंगा नदी के बहाव और जलस्तर का जायजा लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने साफ कहा कि लोगों की सुरक्षा में कोई कोताही न बरती जाए और तटवर्ती इलाकों पर लगातार नजर रखी जाए। निरीक्षण के बाद सीएम ने बताया कि इस बार मानसून में राज्य के भीतर सामान्य से करीब 32 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इसके बावजूद गंगा, गंडक और सोन नदी में रिकॉर्ड पानी पहुंच चुका है। पड़ोसी राज्यों और पहाड़ी इलाकों से आ रहे पानी के कारण जलस्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंच रहा है। सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी इलाके में अचानक संकट खड़ा न हो।

अगले 48 घंटे विशेष निगरानी के निर्देश
हालात की गंभीरता को देखते हुए सीएम ने अगले 48 घंटों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि संवेदनशील इलाकों में दिन-रात गश्त की जाए। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने की तैयारी पूरी रखी गई है। राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए वायुसेना की मदद भी मांगी गई है।
अधिकारियों की टीम के साथ ग्राउंड जीरो पर पहुंचे
गंगा पथ पर निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने प्रशासनिक अमले को निर्देश दिया कि नावों की उपलब्धता, राहत शिविरों में भोजन-पानी का इंतजाम और दवाइयों का स्टॉक पहले से दुरुस्त रखा जाए, जिससे आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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