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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने इस बार ऐसा कदम उठाया है, जिसने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी है। केदला क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन के एक बड़े मुहाने को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई सिर्फ एक औपचारिक अभियान नहीं थी, बल्कि साफ संदेश देने वाली कार्रवाई थी कि अब ऐसे धंधे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कई विभागों की संयुक्त कार्रवाई, तय रणनीति के तहत चला ऑपरेशन
मंगलवार को दोपहर करीब 1 बजे से शुरू हुआ यह अभियान पूरी योजना के साथ चलाया गया। जिला प्रशासन, वन विभाग और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) हजारीबाग क्षेत्र की टीम एक साथ मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पहले इलाके का जायजा लिया, फिर सुरक्षा घेरा बनाया गया ताकि किसी आम व्यक्ति को नुकसान न हो। इसके बाद तय रणनीति के अनुसार कार्रवाई शुरू की गई। इस पूरे ऑपरेशन में विभागों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला।
केदला क्षेत्र बना था अवैध खनन का अड्डा
रामगढ़ प्रक्षेत्र के अंतर्गत झारखंड खुली खदान परियोजना के केदला संख्या 06 के पास यह अवैध मुहाना लंबे समय से सक्रिय था। यहां से लगातार चोरी-छिपे कोयला निकाला जा रहा था और इसकी सूचना प्रशासन तक बार-बार पहुंच रही थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि रात के समय ज्यादा गतिविधियां होती थीं और इससे आसपास के इलाके में खतरा भी बना रहता था। जमीन धंसने और हादसों का डर हमेशा बना रहता था। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इस बार सीधी और ठोस कार्रवाई की।

पूरी तैयारी के साथ किया गया नियंत्रित ब्लास्ट
अवैध मुहाने को खत्म करने के लिए सिर्फ तोड़फोड़ नहीं की गई, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से पूरा ऑपरेशन किया गया। सबसे पहले ड्रिलिंग मशीन से करीब 25 छेद किए गए। इसके बाद लगभग 1250 किलोग्राम विस्फोटक लगाया गया। पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञों की निगरानी में हुई ताकि ब्लास्ट नियंत्रित रहे और आसपास के क्षेत्र को कोई नुकसान न पहुंचे। ब्लास्ट के बाद मुहाना पूरी तरह ध्वस्त हो गया और वहां से अवैध खनन की कोई संभावना नहीं बची।
मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। इलाके को पहले ही खाली करा लिया गया था और पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि ब्लास्ट के दौरान कोई भी व्यक्ति खतरे की जद में न आए। साथ ही आसपास के इलाकों में भी निगरानी रखी गई ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
प्रशासन का कड़ा रुख, आगे भी चलेगा अभियान
रामगढ़ के जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलता रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मुहानों की पहचान कर उन्हें बंद किया जाएगा और इसमें शामिल लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व, सुरक्षा और पर्यावरण तीनों की चिंता
अवैध खनन सिर्फ चोरी का मामला नहीं है। इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है। इसके अलावा जमीन कमजोर हो जाती है, जिससे कभी भी धंसने का खतरा रहता है। पर्यावरण पर भी इसका असर पड़ता है। पेड़-पौधे और आसपास की जमीन प्रभावित होती है। इसी वजह से प्रशासन अब इसे गंभीरता से लेकर लगातार कार्रवाई कर रहा है।
इलाके में डर भी, भरोसा भी
इस कार्रवाई के बाद रामगढ़ में अवैध खनन से जुड़े लोगों में डर का माहौल है। वहीं आम लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह सख्ती बनी रही तो इलाके से अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लग सकती है और लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सकेगा।
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