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Patna/Shivhar : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। विशेष निगरानी इकाई ने शिवहर के DDC यानी उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी बृजेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मच गई है और अधिकारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला
निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत DDC बृजेश कुमार पर कांड संख्या 11/2026 दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अपने सेवा काल के दौरान अलग-अलग पदों पर रहते हुए अपनी आय से कहीं ज्यादा संपत्ति इकट्ठा की। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बृजेश कुमार के पास लगभग 1 करोड़ 84 लाख 32 हजार 900 रुपये की ऐसी संपत्ति है, जिसका कोई वैध स्रोत नहीं बताया जा सका है। यानी यह रकम उनकी घोषित आय से काफी ज्यादा है।
सुबह से शुरू हुई ताबड़तोड़ छापेमारी
सूत्रों के मुताबिक निगरानी टीम ने तड़के सुबह ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर एक साथ कई जगहों पर रेड की गई।
छापेमारी इन जगहों पर जारी है:
- बेतिया
- सीतामढ़ी
- शिवहर स्थित सरकारी आवास
- समाहरणालय स्थित कार्यालय
सबसे पहले टीम ने शिवहर स्थित आवास को खंगाला, उसके बाद टीम समाहरणालय पहुंची, जहां कार्यालय में भी फाइलों और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
घर से लेकर दफ्तर तक खंगाले जा रहे रिकॉर्ड
छापेमारी के दौरान निगरानी टीम हर छोटी-बड़ी चीज पर नजर रख रही है। टीम ने अब तक कई अहम दस्तावेज जुटाए हैं, जिनमें जमीन और मकान से जुड़े कागजात, बैंक खातों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड, नकदी और लेनदेन के दस्तावेज और अन्य संपत्तियों का ब्योरा शामिल है। इन कागजात के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संपत्ति कैसे और किन माध्यमों से जुटाई गई।
और बड़े खुलासे की उम्मीद
अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआती कार्रवाई है। जैसे-जैसे दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। संभव है कि संपत्ति का आंकड़ा और बढ़कर सामने आए।
निगरानी विभाग का साफ संदेश
निगरानी विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति के तहत की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी गलत तरीके से संपत्ति अर्जित करेगा, उसके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
एक वरिष्ठ अधिकारी पर इस तरह की कार्रवाई होने से प्रशासनिक महकमे में हलचल है। कई अधिकारी इस मामले को लेकर सतर्क हो गए हैं और अंदरखाने चर्चा भी तेज है कि आने वाले समय में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल मामला जांच के अधीन है। जांच पूरी होने के बाद निगरानी विभाग कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगा। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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