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Rishikesh : ऋषिकेश के ढालवाला में स्थित शराब की दुकान इस वक्त उत्तराखंड का बड़ा सियासी मुद्दा बन चुकी है। इसी हफ्ते दुकान के पास एक युवक की हत्या के बाद यहां तनाव और विरोध बढ़ गया है। स्थानीय लोग, खासकर महिलाएं, लंबे समय से दुकान बंद करने की मांग कर रही हैं। अब मुनि की रेती नगर पालिका ने भी शराब की इस दुकान को बंद करने का प्रस्ताव पास कर दिया है।
तीर्थनगरी में शराब की दुकान पर विरोध तेज
ऋषिकेश तीर्थनगरी मानी जाती है और मुनि की रेती क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। यह इलाका टिहरी जिले में आता है, जहां इस दुकान के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि तीर्थ स्थल पर शराब की बिक्री आस्था के खिलाफ है और इससे क्षेत्र की पवित्रता प्रभावित हो रही है।
प्रशासन और पुलिस की सख्ती
युवक की हत्या के बाद तनाव को देखते हुए दुकान को बंद कर दिया गया था। गुरुवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दुकान को फिर से खोला गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी लगातार मौके पर तैनात हैं।
आबकारी विभाग और राजनीतिक बयानबाजी
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने कहा कि दुकान का हत्या की घटना से कोई संबंध नहीं है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दुकान को फिर से खोला गया है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष करन महारा का कहना है कि तीर्थ क्षेत्र में ऐसी दुकानें बंद होनी चाहिए। बीजेपी प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप ही फैसला लेगी।
आर्थिक पहलू भी अहम
जानकारी के मुताबिक, टिहरी जिले की इस दुकान से सालाना करीब ₹21 करोड़ की राजस्व प्राप्ति होती है। यही वजह है कि प्रशासन के लिए धार्मिक भावना और राजस्व — दोनों के बीच संतुलन बनाना चुनौती बन गया है।
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