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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : आमतौर पर किसी फैक्ट्री या बड़े दफ्तर का नाम सुनते ही दिमाग में मशीनों की आवाज, फाइलों का ढेर, टारगेट का दबाव और चेहरों पर पसरी गंभीरता याद आती है। लेकिन रामगढ़ स्थित BFCL यानी बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड के परिसर में नजारा एकदम जुदा था। यहां मशीनों के शोर पर हंसी के ठहाके भारी पड़ रहे थे, तालियों की गड़गड़ाहट गूंज रही थी और हर चेहरे पर एक अलग ही चमक थी। मौका था सितंबर महीने में जन्मे 80 कर्मचारियों के सामूहिक जन्मदिन का, जिसे कंपनी ने किसी बड़े पारिवारिक जलसे की तरह मनाया।
‘पीपुल फर्स्ट’ यानी काम से पहले कर्मचारी
अक्सर कॉरपोरेट जगत में लोग खुद को महज एक कर्मचारी समझने लगते हैं, लेकिन कंपनी ने अपनी ‘पीपुल फर्स्ट कल्चर’ और ‘वन सेलिब्रेशन, मेनी स्माइल्स’ थीम के जरिए यह साबित किया कि काम करने वाले इंसान मशीनों के कलपुर्जे नहीं, बल्कि एक भरे-पूरे परिवार का हिस्सा हैं। इस सोच के तहत आयोजित समारोह में उन सभी 80 साथियों को एक मंच पर लाया गया, जिनका जन्म सितंबर महीने में हुआ था। छोटे पद से लेकर बड़े ओहदे तक, सब एक कतार में खड़े होकर अपनी खुशियां बांट रहे थे।
रांची से रामगढ़ तक जुड़ी खुशियों की डोर
यह आयोजन सिर्फ एक प्लांट तक सीमित नहीं रहा। रामगढ़ के एचएएसपी कैंटीन, जीएफए कैंटीन और मुख्य कार्यालय में तो हलचल थी ही, साथ ही जीएफए, एचएसपीए हेड ऑफिस और रांची स्थित एमडीएच कार्यालय के साथी भी इस खुशी में शामिल होने पहुंचे। जो लोग अक्सर सिर्फ फोन या ईमेल पर बातचीत करते थे, वे आमने-सामने बैठकर एक-दूसरे का हालचाल ले रहे थे। विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने भी कर्मचारियों के बीच पहुंचकर उनका हौसला बढ़ाया, जिससे दफ्तर की सारी झिझक और दूरियां पल भर में खत्म हो गईं।
तालियों की गूंज के बीच मीठा हुआ मुंह
समारोह का मुख्य आकर्षण सामूहिक केक कटिंग रही। जब एक साथ केक काटे गए और सभी ने एक सुर में बधाई दी, तो पूरा माहौल उमंग से भर गया। एक-दूसरे को केक खिलाने, बधाई संदेश देने और पुरानी यादें साझा करने का सिलसिला देर तक चलता रहा। कई कर्मचारियों के चेहरे पर यह सुकून साफ झलक रहा था कि भागदौड़ भरी जिंदगी में उनकी संस्था ने उनके खास दिन को इस कदर यादगार बना दिया।
पसीने और मेहनत की कद्र ही असली तरक्की
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने दिल छू लेने वाली बातें कहीं। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री की ईंटें या मशीनें कंपनी नहीं बनातीं, बल्कि कर्मचारियों का पसीना, उनकी निष्ठा और मेहनत ही संस्था की असली ताकत हैं। जब कर्मचारी खुश रहेगा, तभी संस्थान आगे बढ़ेगा। ऐसे आयोजनों का मकसद सिर्फ औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि आपस में विश्वास, अपनापन और टीम भावना को मजबूत करना है। समारोह के अंत में प्रबंधन ने सभी 80 साथियों को उनके सुखद और उज्ज्वल भविष्य की ढेरों शुभकामनाएं दीं।
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