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News Samvad : बाजार में सेब खरीदते समय ज्यादातर लोग उसके रंग और चमक को देखकर ही फैसला कर लेते हैं। लाल, चिकना और चमकदार सेब देखकर लगता है कि फल ताजा, मीठा और रसीला होगा। लेकिन घर पहुंचने के बाद जब पहला निवाला मुंह में जाता है तो कई बार उम्मीद के उलट सेब खट्टा, बेस्वाद या अंदर से सूखा निकलता है। ऐसे में पैसे खर्च करने के साथ ही खाने का मजा भी खराब हो जाता है।
जानकारों के मुताबिक, सिर्फ सेब का लाल रंग उसकी मिठास या गुणवत्ता की गारंटी नहीं देता। बाजार में रखे कई सेबों पर उन्हें आकर्षक और चमकदार दिखाने के लिए वैक्स या मोम की पतली परत भी लगाई जाती है। इससे फल बाहर से काफी सुंदर नजर आता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह अंदर से भी उतना ही अच्छा है। इसलिए सेब खरीदते समय उसकी चमक और रंग के बजाय कुछ दूसरी चीजों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
एक ही आकार के सेब में जो भारी हो, उसे चुनें
सेब की ताजगी पहचानने का सबसे आसान तरीका उसका वजन महसूस करना है। बाजार में एक जैसे आकार के दो सेब उठाकर देखें। इनमें जो सेब हाथ में थोड़ा ज्यादा भारी लगे, उसे प्राथमिकता दें। ताजा सेब के अंदर पानी की मात्रा अच्छी होती है, इसलिए वह अपने आकार के हिसाब से अपेक्षाकृत भारी महसूस होता है।
इसके उलट कोई सेब बड़ा दिखाई दे, लेकिन हाथ में उठाने पर काफी हल्का लगे तो हो सकता है कि उसके अंदर का पानी कम हो चुका हो। लंबे समय तक रखे रहने पर सेब धीरे-धीरे अपना मॉइस्चर खोने लगता है। ऐसे फल काटने पर अंदर से नरम या सूखे लग सकते हैं और उनका स्वाद भी फीका हो सकता है। इसलिए सेब खरीदते समय केवल आकार देखकर प्रभावित न हों, उसे हाथ में उठाकर उसका वजन जरूर महसूस करें।
खुशबू और छिलके से भी पता चलती है ताजगी
अच्छे और पके सेब में हल्की प्राकृतिक मिठास वाली खुशबू होती है। सेब को खरीदने से पहले डंठल के पास से हल्की खुशबू सूंघकर देख सकते हैं। अगर फल से कोई प्राकृतिक खुशबू नहीं आ रही है तो संभव है कि वह पूरी तरह पका न हो या काफी समय से स्टोर किया गया हो। जिस सेब में हल्की मीठी खुशबू महसूस हो, उसके स्वादिष्ट और पका हुआ होने की संभावना अधिक होती है।
सेब को हाथ से हल्का दबाकर उसकी मजबूती भी जांची जा सकती है। ताजा सेब का छिलका कसा हुआ और फल थोड़ा सख्त महसूस होता है। अगर किसी हिस्से पर दबाने से वह नरम पड़ जाए या उंगली आसानी से अंदर जाने लगे तो ऐसा सेब लेने से बचना चाहिए। खासकर जिस हिस्से पर चोट या दबने का निशान हो, वहां से फल अंदर से खराब होना शुरू हो सकता है।
डंठल और आवाज से भी पहचान सकते हैं अच्छा सेब
सेब का डंठल भी उसकी ताजगी के बारे में संकेत देता है। ताजा फल में डंठल सामान्य तौर पर मजबूत और अच्छी तरह जुड़ा हुआ दिखाई देता है। अगर डंठल बहुत सूखा हुआ हो या उसके आसपास की त्वचा सिकुड़ी हुई और अंदर की तरफ धंसी नजर आए तो यह फल के काफी पुराना होने का संकेत हो सकता है। ऐसे सेब में समय के साथ कुरकुरापन और स्वाद कम हो सकता है।
सेब को हल्के से थपथपाकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है। थपथपाने पर अगर आवाज ठोस और साफ सुनाई दे तो फल का गूदा अपेक्षाकृत ताजा और सख्त हो सकता है। वहीं बहुत खोखली आवाज मिलने पर सेब के अंदर सूखापन होने की आशंका रहती है। हालांकि यह तरीका अकेले इस्तेमाल करने के बजाय वजन, खुशबू और मजबूती के साथ मिलाकर देखना बेहतर है।
कुल मिलाकर सेब खरीदते समय सिर्फ उसकी चमक और लाल रंग देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। वैक्स की चमक फल को देखने में सुंदर बना सकती है, लेकिन उसकी अंदरूनी गुणवत्ता का पता लगाने के लिए वजन, खुशबू, मजबूती और डंठल जैसी चीजों को भी देखना जरूरी है। अगली बार बाजार जाएं तो दो मिनट इन बातों पर ध्यान दें। इससे बेस्वाद या सूखे सेब खरीदने की संभावना काफी कम हो सकती है।
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