अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
News Samvad : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को टेस्ला के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) इलॉन मस्क को निशाना बनाया। ट्रम्प ने कहा कि अगर मस्क को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी बंद कर दी जाए, तो उन्हें अपनी कंपनी बंद करके दक्षिण अफ्रीका लौटना पड़ेगा।
सब्सिडी बंद तो टेस्ला-स्पेसएक्स भी ठप
ट्रम्प ने दावा किया कि मस्क को सरकार की ओर से अब तक इतनी सहायता मिल चुकी है, जितनी शायद ही किसी और कंपनी को मिली हो। उन्होंने कहा, “अगर सब्सिडी बंद हो गई, तो न तो टेस्ला इलेक्ट्रिक कार बना पाएगी और न ही स्पेसएक्स रॉकेट या सैटेलाइट लॉन्च कर पाएगा।” उन्होंने आगे सुझाव दिया कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए, ताकि देश का पैसा बचाया जा सके।
20 साल में 31 लाख करोड़ की सहायता
रिपोर्ट्स के मुताबिक,
- अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट ने टेस्ला को 465 मिलियन डॉलर का कर्ज दिया था, जिससे मॉडल-एस कार लॉन्च हुई।
- नेवादा सरकार ने 2014 में टेस्ला की गिगाफैक्ट्री के लिए 1.3 बिलियन डॉलर (करीब 11 हजार करोड़ रुपये) की टैक्स छूट दी।
- स्पेसएक्स को नासा और पेंटागन से अब तक लाखों करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट मिल चुके हैं।
मस्क ने ट्रम्प के बिल को कहा ‘पागलपन’
यह विवाद तब और बढ़ गया जब मस्क ने ट्रम्प के “बिग ब्यूटीफुल बिल” को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून अमेरिका में लाखों नौकरियां खत्म कर देगा। इस पर ट्रम्प ने मस्क को “एहसान फरामोश” बताया, जबकि मस्क ने जवाब में कहा कि अगर वे नहीं होते, तो ट्रम्प चुनाव हार जाते।
अब अमेरिकी सीनेट ने इस बिल पर चर्चा शुरू कर दी है। अगर यह कानून बन गया, तो इसका असर न सिर्फ टेस्ला-स्पेसएक्स पर, बल्कि पूरे अमेरिकी उद्योग पर पड़ेगा।

